मिथिला मंच पर अहाँ सबहक स्वागत अछि,मिथिला मंच अहाँक लेल एहन मंच अछि जतय अहाँ सभ अपन दुःख दर्द के राखी सके अछि, अपन साहित्य से लोक के अवगत करा सकय छि,मिथिला के नबका टटका समाचार पाबि सकय छि,ते देर नै करू आ मन में जे अछि ओकरा लिखी क हमरा njha61@gmail.com पर पठा दीअ, एहिं मेल से अहाँ अपन विचार आs सुझाव स अवगत कराउ आ सम्पर्क म बनल रहू. " जय मैथिल जय मिथिला धाम"

बुधवार, 18 अप्रैल 2012

बोधिसत्व क कविताक मैथिली अनुवाद

बहुचर्चित कवि बोधिसत्व क एही कविता एकटा ब्लॉग पर पढने छी ( नाम याद नै आबि रहल अछि), एतेक नीक लागल जे एकर मैथिली अनुवाद करय लेल विवश भए गेलहुं। अहूँ पढू किछु सोचय पर विवश के दैत एही कविता अहाँक.

दशरथ केर एकटा बेटी छलीह,
नाम छलीह शांता
लोग कहैत अछि
जहिया ओ जनमल छल
अयोध्या मे अकाल पडल
बारह बरख तक
धरती धुल भए गेल!

चिंतित राजा क सलाह देल गेल
की हुनकर बेटी अछि एही अकाल क कारण!

राजा दशरथ अकाल दूर करबाक लेल
श्रृंगी ऋषि क दान दए देलक अपन बेटी!

ओकर बाद शांता
कहियो नै आयल अयोध्या
लोग कहैत अछि
दशरथ डरैत रहे
हुनका बजाबै स!

बहुत दिन तलक सुन रहल अवध क आँगन
फेर ओही शांता क पति श्रृंगी ऋषि
दशरथ क करेलक पुत्रेष्टि यज्ञ!

दशरथ बनल चारि टा बेटा क बाप
संतति क अकाल मेटा गेल!

शांता बाट तकैत रहे
अपन भाई सबहक
मुदा कियो नै आयल हुनकर अंगना
नै हुनका आनय लेल
नै हुनकर हाल जानय लेल


मर्यादा पुरूषोत्तमो ना,
शायद ओ सेहो डरैत रहे
रामराज्य मे अकाल पड़य स
जबकि बन जाएत काल
राम
शान्ता क आश्रम से भए क गुजरल रहे
मुदा भेंट करय लेल नै गेल


शांता जखैन तक छलीह
बाट तकैत रहलीह अपन भाई क
की आयत राम-लखन
आयत भरत-शत्रुघ्न

बिना बुलावा क आबय लेल
ओ राजी नै छल
कियाकि सती क कथा ओ
ओ सुनि चुकल छल बचपन मे
दशरथ से!

शुक्रवार, 9 मार्च 2012

निबंध प्रतियोगिता



निबंध प्रतियोगिता



दिल्ली सँ प्रकाशित मासिक मैथिलि पत्रिका मिथिलांचल पत्रिका के द्वारा कक्षा ८ सँ ल के बी.ए/बी.एस.सी/ बी.कॉम/इंजीनियरिंग /चिकित्सा विज्ञानं के छात्र हेतु एकटा निबंध प्रतियोगिता रखल गेल अछि .
निबंध के विषय :- "मातृभाषाक माध्यम सँ विज्ञानं एवं प्रोद्योगिकी के शिक्षा कतेक सार्थक अछि "
जाही में प्रतिभागी हेतु नियम :-
१. कक्षा ९ सँ - स्नातक तक के छात्र भाग लय सकैत छथि
२. उम्र सीमा - १२ वर्ष -२२ वर्ष
३.रचना मौलिक हेबाक चाही एवं स्व लिखित हेबाक चाही
४.आलेख मैथिलि भाषा में हेबाक चाही
५.रचना पठेबक अंतिम तिथि - २५ मार्च २०१२
६. प्रतिभागी लोकनि अप्पन आलेख mithilanchalpatrika@gmail.com
या B-2/333 Tara Nagar, Old Palam Road Sec-15 Dwarka New Delhi-110078. पर पठाबी
७. आलेखक संग अप्पन परिचय एवं पत्राचारक पता अबश्य पठाबी
८. विशेष जानकारी हेतु संपर्क करी Mob -9990065181  /  9312460150  / 09762126759.

निर्णयाक मण्डली में छैथि :- १.डॉ. कैलाश कुमार मिश्र २.डॉ. प्रेम मोहन मिश्र ३. श्री गजेन्द्र ठाकुर ४. डॉ. शशिधर कुमार
पुरस्कार :- निबंध प्रतियोगिता में चयनित प्रतिभागी के समुचित पुरस्कार राशी एवं प्रमाणपत्र पठौल जाएत

भबदीय
डॉ. किशन कारीगर
(संपादक ) मिथिलांचल पत्रिका

मंगलवार, 6 मार्च 2012

आयल होली

आयल होली
सजल टोली
बनल पुआ
छनल पूरी

भाँगक गोली
होलिबा टोली
फगुआ फाग
विरहा बोली

भीजल साडी
भीजल आँगी
रंगल धोती
भीजल चोली

हरका साड़ी
रंगल नारी
गाँजा आ भाँग
दारू आ ताड़ी

भैया आ भौजी
सखी सहेली
सब छै मस्त
जीजा आ साली

आयल होली
सजल टोली

बृहस्पतिवार, 1 मार्च 2012

चाय के चुस्की मुस्की के संग – अजय ठाकुर (मोहन जी)


विजय जी और रंजना के प्रेम बिवाह किछु माह पहीले भेल अछि ! दुरागमन सेहो संगे भऽ गेल किछु दिन के बाद विजय जिक कनियाँ रंजना कहलखिन, हमरा बिवाह के दु माश भ गेल और अखन तक आहा हमरा कतो घुमाव नहीं ल गेलो हन्!  
विजय जी किछु देर चुप रहला और फेर बजला हे हमरा जावेत धरी माँ और बाबुजी नहीं कहता तावेत तक हम आहा के कतो घुमाव नहीं ल जायब बुझलो ! रंजना के मोन कने उदाश भ गेल फेर दुनो गोटे अपन अपन कॉज में लागी गेला ! विजय जी फेर रंजना के समझा क ओ अपन बाबु जिक पास गेला और कहलखिन जे रंजना के इच्छा भ रहल छै जे कतो घुमे लेल जय के से जओ आहा के आज्ञा होय त हम दुनो गोटे घुमी आबि ! बाबु जी हाँ कही देलखिन !

विजय जी और रंजना यात्रा केरी तयारी शुरू क देला ! दुनो प्राणी माँ बाबुजी के आशीर्वाद लेलाह और घर सऽ निकैल गेला ! सकरी टीसन पर जा क टिकट कटेला ताबैत धरी शहीद एक्सप्रेस सेहो टीसन पर आबि गेल दुनो गोटे गाड़ी पर जाकऽ बैसी गेला ! आब गाड़ी के ड्राईवर बाबु सेहो पुक्की मारला पु....पु..पुपुपुपुपुपू....छु..क.. छुक..छुकछुक  छुक..., गाड़ी आगू बढ़ऽ लागल !

गाड़ी जहान पांच-छः टीसन आगा बरहल ताहि के बाद एकर लेन किलयर नहीं छल ताहि लक् गाड़ी के २-३ घंटा रोकी देलक ! ताबैत में ओमहर सऽ चाय वला गर्म चाय-गर्म चाय कहैत आयल रंजना अपन स्वामी के कहैत छथि एक कॉप चाह पीबी लिय आहा भोर में सेहो नहीं पिलो आब विजय जी दु कॉप चाह के पाई देलखिन और दुनो गोटे पिबऽ लगला ! रंजना दु घुट पीब क खिड़की स बाहर फेक देलक, विजय जी पुछलखिन कि भेल ? रंजना कहलखिन चाह में स्वाद नहीं लगाल !
विजय जी कहलखिन ठीक छै गाड़ी लेट या चलू उतरी क कोनो दोकान पर चाह पीबी लई छी, दरभँगा में ओनाहू जान-पहचान के बहुत दोकानदार अछि ! विजय जी और रंजना दोनों गोटे गाड़ी स उतरी क दोकान दिश बढला ! एक दोकान पर जा क दु टा चाह और दु टा सिंघारा के आर्डर देलखिन ! थोरबे देर में चाह और सिंघारा लक् आबि ग्लेन दुनो गोटे सिंघारा पावऽ लगला और चाह सऽ ठोड़ पकावऽ लगला ! रंजना चाह पीबी कने मुस्किया देलखिन आब दुनो गोटे अपना आप में टकटकी लगा क देखऽ लगला और बिशैर गेलखिन कि हमरा गाड़ी पकरबाक अछि!

लगभग आधा घंटा के बाद दोकानदार अपन कप लै आयल त देख क कह: लागल अऊ जी महराज लिय चाय के चुस्की मुस्की के संग, मगर हमर कप त छोरी दिय औरो ग्राहक चाय के लेल ठाढ या ! ई बात सुनी क रंजना और विजय के मोन लज्जा गेलैन और ओत् स परेलो बाट नहीं सुझलैन ! और ओ जे टीसन पर अयला त देखैत छथि जे ओ गाड़ी फुजी गेल छल आब दुनो गोटे अपना घर आबि गेला ! माँ और बाबुजी पुछलखिन कि आहा दुनो गेलिये नहीं, विजय जी बजला बाबुजी गाड़ी हमर छुइट गेल त हम दुनो गोटे सोचलो कि बाद में कहियो चली जायब ! बाबुजी बजला अत्ति उत्तम जे विचार हुये से करू !

रचनाकार :- अजय ठाकुर (मोहन जी)

मंगलवार, 28 फरवरी 2012

गामो में अछि में पाई यौ...

कहलक एक दिन फोन पर हमरा हमर छोटका भाई यौ,
किया भागय छी दिल्ली पंजाब गामो में अछि में पाई यौ

सौ दिनक रोजगार त भाईजी सरकारों आब दिया लागल,
रोजी रोटी आ बिजनेस लेल लोन सेहो भेटे लागल।
हेयो मनरेगा में सेहो भाईजी हुए लागल आय यौ,
किया खटय छी दिल्ली पंजाब गामो में अछि पाय यौ।

छोटकी काकी मास्टरनी भए करय लागल नौकरी यौ,
गिरहथबा बनि क देखू पोसियाँ लए लेलक बकरी यौ।
सत् कहय छी भाईजी अहाँक भए गेल ढेर उपाय यौ,
किया खटय छी दिल्ली पंजाब गामो में अछि पाय यौ।

भौजी रहय ये सदिखन कानैत, माजी रहैत बीमार ये,
कनकिरबा के सेहो हरदम तबियत रहैत ख़राब ये।
बाबु के भोकरी ये जेना, बिन बछरा के गाय यौ,
किया खटय छी दिल्ली पंजाब गामो में अछि पाय यौ।


शनिवार, 25 फरवरी 2012

बीसम नव दिल्ली विश्व पुस्तक मेला २०१२क उद्घाटन कपिल सिब्बल द्वारा/ २१म विदेह मैथिली पोथी प्रदर्शनी (अवसर बीसम नव दिल्ली विश्व पुस्तक मेला २०१२, सौजन्य अंतिका प्रकाशन) २५ फरबरी २०१२ सँ ०४ मार्च २०१२ (रिपोर्ट प्रियंका झा)


आइ बीसम नव दिल्ली  विश्व पुस्तक मेला २०१२क उद्घाटन कपिल सिब्बल, केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री, भारत सरकार द्वारा हंसध्वनि ओपेन एयर थियेटर, प्रगति मैदान, नव दिल्लीमे कएल गेल। एकर आयोजक रहैत अछि नेशनल बुक ट्रस्ट, भारत। ई विश्व पुस्तक मेला दू सालमे एक बेर होइत अछि आ ४० साल पहिने १९७२ ई. मे एकर पहिल आयोजन भेल छल।  कपिल सिब्बल कहलन्हि जे ओ एकरा सभ साल कएल जएबाक प्रयास करताह। ओ कहलन्हि जे यूनाइटेड किंगडम आ यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिकाक बाद भारत अंग्रेजीमे सभसँ बेसी पोथी छापैत अछि, तकर अतिरिक्त विभिन्न भाषाक लगभग एक लाख पोथी भारतमे सभ साल छपैत अछि। विश्व भरिक १३०० प्रदर्शकक २५०० स्टाल ऐ मेलामे अछि। कार्यक्रमक अध्यक्षता श्री मनोज दास केलन्हि आ श्रीमती मृदुला मुखर्जी सम्माननीय अतिथि रहथि। यूनाइटेड किंगडम आ यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिकाक बाद भारत अंग्रेजीमे सभसँ बेसी पोथी छापैत अछि। तकर अतिरिक्त विभिन्न भाषाक लगभग एक लाख पोथी भारतमे सभ साल छपैत अछि।
भारतीय सिनेमाक सए बर्ख, दिल्लीक राजधानी रूपमे सए बर्ख आ रवीन्द्रनाथ टैगोरक १५०म जयन्ती ई तीनू संयोग ऐ बेर एक्के संग पड़ि रहल अछि।
अहाँ मैथिली कथा संग्रह/ उपन्यास (जगदीश प्रसाद मण्डल/ गजेन्द्र ठाकुर/ सुभाष चन्द्र यादव आदि), कविता/ गजल संग्रह (राजदेव मण्डल, विनीत उत्पल, ज्योति सुनीत चौधरी, कालीकान्त झा बूच, आशीष अनचिन्हार आदि), नाटक (विभा रानी/ नचिकेता/ बेचन ठाकुर/ गजेन्द्र ठाकुर/ जगदीश प्रसाद मण्डल आदि), कॉमिक्स (देवांशु वत्स), सचित्र बाल कथा संग्रह (प्रीति ठाकुर/ गजेन्द्र ठाकुर/ जगदीश प्रसाद मण्डल/ अनमोल झा), विदेह सदेह( १०० सँ ऊपर लेखक), अंग्रेजी-मैथिली शब्दकोश (गजेन्द्र ठाकुर, पञ्जीकार विद्यानन्द झा, नागेन्द्र कुमार झा), मिथिलाक पञ्जी प्रबन्ध (गजेन्द्र ठाकुर, पञ्जीकार विद्यानन्द झा, नागेन्द्र कुमार झा), मैथिलीक पहिल ब्रेल पोथी (सहस्रबाढ़नि, उपन्यास, गजेन्द्र ठाकुर), आ मिथिला/ मैथिलीक इतिहास (राधाकृष्ण चौधरी)..आदि पोथी कीनि सकै छी।

http://www.antikaprakashan.com/ (अंतिका प्रकाशनक साइट- मैथिली प्रकाशक)
http://www.shruti-publication.com (श्रुति प्रकाशनक साइट- मैथिली प्रकाशक)
http://esamaad.blogspot.in/2012/02/blog-post_25.html (समदिया, पहिल मैथिली न्यूज पोर्टल २००४ ई.सँ)


२१म विदेह मैथिली पोथी प्रदर्शनी (अवसर बीसम नव दिल्ली विश्व पुस्तक मेला २०१२, सौजन्य अंतिका प्रकाशन) २५ फरबरी २०१२ सँ ०४ मार्च २०१२,प्रतिदिन भोर ११ बजेसँ ८ बजे राति धरि, स्थान- अंतिका प्रकाशन , स्टाल 80-81, हॉल 11, प्रगति मैदान,२०म विश्व पुस्तक मेला 2012 नव दिल्ली


वि‍देह द्वारा मैथि‍ली पोथी प्रदर्शनी-
1. ‘वि‍देह’क पहि‍ल मैथि‍ली पोथी-प्रदर्शनी, दि‍नांक- 27/09/2009 स्‍थान- नई दि‍ल्‍ली स्‍थि‍त श्रीराम सेन्‍टरक प्रेक्षागृहमे। अवसर- ‘जल डमरू बाजे’ नाटक-मंचन।
2. ‘वि‍देह’क दोसर मैथि‍ली पोथी-प्रदर्शनी, दि‍नांक- 03/04/2011 स्‍थान- रामानन्‍द युवा कलव, जनकपुरधाम, नेपाल। अवसर- ‘सगर राति‍ दीप जरय’क 69म कथा गोष्‍ठी।
3. ‘वि‍देह’क तेसर मैथि‍ली पोथी-प्रदर्शनी, दि‍नांक- 12/06/2010 स्‍थान- कवि‍लपुर लहेरि‍यासराय, दरभंगा। अवसर- ‘सगर राति‍ दीप जरय’ 70म कथा गोष्‍ठी।
4. ‘वि‍देह’क 4म मैथि‍ली पोथी-प्रदर्शनी, दि‍नांक- 02/10/2010 स्‍थान- बेरमा (तमुि‍रया) जि‍ला- मधुबनी। अवसर- सगर राति‍ दीप जरय’क 71म कथा गोष्‍ठी।
5. ‘वि‍देह’क 5म मैथि‍ली पोथी-प्रदर्शनी, दि‍नांक- दुर्गापूजा-2010 स्‍थान- बेरमा (तमुि‍रया) जि‍ला- मधुबनी। 4 दि‍वसीय प्रदर्शनी।
6. ‘वि‍देह’क 6म मैथि‍ली पोथी-प्रदर्शनी, दि‍नांक- दुर्गापूजा-2010 स्‍थान- घोघरडीहा (मधुबनी) दुर्गापूजाक मेला परि‍सर। अवसर- दुर्गापूजा-2010
7. ‘वि‍देह’क 7म मैथि‍ली पोथी-प्रदर्शनी, दि‍नांक- दुर्गापूजा-2010 स्‍थान- हटनी (मधुबनी) दुर्गापूजाक मेला परि‍सर।
8. ‘वि‍देह’क 8म मैथि‍ली पोथी-प्रदर्शनी, दि‍नांक- 04/12/2010 स्‍थान- व्‍यपार संघ भवन, सुपौल। अवसर- सगर राति‍ दीप जरय’क 72म कथा गोष्‍ठी।
9. ‘वि‍देह’क 9म मैथि‍ली पोथी-प्रदर्शनी, दि‍नांक- 05/12/2010 स्‍थान- महि‍षी (सहरसा) अवसर- सगर राति‍ दीप जरय’क 73म कथा गोष्‍ठी।
10. ‘वि‍देह’क 10म मैथि‍ली पोथी-प्रदर्शनी, दि‍नांक- 09/07/2011 स्‍थान- अशर्फीदास साहु समाज महि‍ला इंटर महावि‍द्यालय परि‍सर- नि‍र्मली (सुपौल), अवसर- सामानांतर साहि‍त्‍य अकादमी मैथि‍ली कवि‍ सम्‍मेलन-2011
11. ‘वि‍देह’क 11म मैथि‍ली पोथी-प्रदर्शनी, दि‍नांक- 02 नभम्‍बर 2010 स्‍थान- एस.एम. पब्‍ि‍लक स्‍कूल परि‍सर झि‍टकी-वनगामा (मधुबनी), अवसर- स्‍कूल वार्षिकोत्‍सव।
12. ‘वि‍देह’क 12म मैथि‍ली पोथी-प्रदर्शनी, दि‍नांक- सरस्‍वतीपूजा- 2011 स्‍थान- चनौरागंज (मधुबनी) अवसर- सरस्‍वतीपूजा नाट्य उत्‍सव- 2011
13. ‘वि‍देह’क 13म मैथि‍ली पोथी-प्रदर्शनी, दि‍नांक- 10/09/2011 स्‍थान- हजारीबाग (झारखण्‍ड), अवसर- सगर राति‍ दीप जरय’क 74म कथा गोष्‍ठी।
14. ‘वि‍देह’क 14म मैथि‍ली पोथी-प्रदर्शनी, दि‍नांक- दुर्गापूजा-2011 स्‍थान- बेरमा (मधुबनी) 4 दि‍वसीय प्रदर्शनी।
15. ‘वि‍देह’क 15म मैथि‍ली पोथी-प्रदर्शनी, दि‍नांक- 02/11/2010 स्‍थान- उच्‍च वि‍द्यालय परि‍सर- खरौआ जि‍ला- मधुबनी। अवसर- महाकवि ‍लालदासक 155म जयन्‍ती समारोह।

16.विदेहक १६म मैथिली पोथी प्रदर्शनी १०-११ दिसम्बर २०११ केँ ७५म सगर राति दीप जरएक अवसरपर ,१० दिसम्बर २०११ केँ साँझ ६ बजेसँ शुरू भेल, स्थान-कॉपरेटिव फेडेरेशन हॉल, निकट म्यूजियम, पटनामे शुरू भेल आ ११ दिसम्बर २०११क भोर ८ बजे धरि चलल।
17.१७म विदेह मैथिली पोथी प्रदर्शनी:- २२-२४ दिसम्बर २०११ केँ गुवाहाटीमे। २२-२३ दिसम्बर २०११ केँ प्राग्ज्योतिष आइ.टी.ए. सेन्टर, माछखोवा, गुवाहाटी- ७८१००९ (२२ दिसम्बर २०११ केँ ४ बजे अप्राह्णसँ ९ बजे राति धरि आ २३ दिसम्बर २०११ केँ ११ बजे पूर्वाह्णसँ ३ बजे अपराह्ण धरि आ २३ दिसम्बर २०११ केँ फेर ५ बजे अपराह्णसँ देर राति धरि) आ  २४ दिसम्बर २०११ केँ भोरसँ राति धरि स्थान- रूम संख्या २१७,  होटल ऋतुराज, माछखोवा, गुवाहाटीमे। अवसर मि‍थि‍ला सांस्‍कृति‍क समन्‍वय समि‍ति‍क आयोजि‍त "अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन" आ "आठम मिथिला रत्न सम्मान समारोह" ( २२ दि‍सम्‍बर २०११) आ "वि‍द्यापति स्‍मृति‍ पर्व समारोह" (२३ दि‍सम्‍बर २०११) । १७म विदेह मैथिली पोथी प्रदर्शनी ग्राहकक आग्रहपर एक दिन लेल (२४ दिसम्बर २०११ केँ )  बढ़ाओल गेल।

18..१८म विदेह मैथिली पोथी प्रदर्शनी-तिथि १४ जनवरी २०१२ स्‍थान- अशर्फीदास साहु समाज महि‍ला इंटर महावि‍द्यालय परि‍सर- नि‍र्मली (सुपौल), अवसर- समानांतर साहि‍त्‍य अकादमी मैथि‍ली साहित्य उत्सव- सह विदेह सम्मान समारोह (समानान्तर साहित्य अकादेमी पुरस्कार)

19.१९म विदेह मैथिली पोथी प्रदर्शनी- 27 जनवरी 2012 (शुक्र दि‍न), अवसर स्‍थानीय कवि‍ परि‍षद (सलहेसबाबा परि‍सर- औरहा, प्रखण्‍ड- लौकही)क चारि‍म वार्षिकोत्‍सव- 2012

20.२०म विदेह मैथिली पोथी प्रदर्शनी- जे.एम.एस. कोचिंग सेन्टर , चनौरागंज,झंझारपुर, जिला-मधुबनी, अवसर विदेह नाट्य उत्सव २०१२ दू दिन दिनांक २८.०१.२०१२ आ २९.०१.२०१२


21. २१म विदेह मैथिली पोथी प्रदर्शनी (अवसर बीसम नव दिल्ली विश्व पुस्तक मेला २०१२ जखन भारतीय सिनेमाक सए बर्ख, दिल्लीक राजधानी रूपमे सए बर्ख आ रवीन्द्रनाथ टैगोरक १५०म जयन्ती संगे पड़ि रहल अछि, एकर आयोजक रहैत अछि नेशनल बुक ट्रस्ट, भारत, सौजन्य अंतिका प्रकाशन) २५ फरबरी २०१२ सँ ०४ मार्च २०१२,प्रतिदिन भोर ११ बजेसँ ८ बजे राति धरि, स्थान- अंतिका प्रकाशन , स्टाल 80-81, हॉल 11, प्रगति मैदान,२०म नव दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2012 नव दिल्ली। ई विश्व पुस्तक मेला दू सालमे एक बेर होइत अछि आ ४० साल पहिने १९७२ ई. मे एकर पहिल आयोजन भेल छल।

बृहस्पतिवार, 9 फरवरी 2012

बसंत अहाँ किया आबय छी


वसंत अहाँ फेर आबि गेलोंउ?
हमरा हमर मज़बूरी मोन पड़ाबै लेल
तितली जे कहियो उडैत रहे
ओ गामक मेड पर
जतय गहुमक खेतक बीच
सरसों क पिरका फुल पर
ओ बैसि जाएत रहे, आर हम
चुप्पे चाप पाछां स जाए क
धैर लैत रही हुनका अनझक्के में.
नै बिसरब हम ओ सांझ
जखन आमक नबका बौर महक
भैर दैत रहे हमर नाक
आ हवा म गुन्जैत
ओ फगुआ क विरह फाग
हे बसंत अहाँ फेर आबि गेलोंउ
ओही दर्द क मोन पड़ाबै लेल
किया आबय छि अहाँ जखन अहाँ क बुझल अछि
की जिनगीक भागम भाग स हम दूर जा चुकल छी
आब रोटीक लड़ाई म गहुम मोन नै पडैत अछि
सरसों क फुल खाली अखबार म देखायत अछि
आ तितली त बुझु टका बनि गेल
कतनो किछु क लिया हाथ नै आयत
फगुआ क फाग "कोलावारी" क कलह बनि गेल
हे बसंत अहाँ चुपचाप किया नै चलि जाएत छी
किया एते सताबै छी
बसंत अहाँ किया आबय छी